कोर्ट का सुप्रीम फैसला
लॉयन न्यूज,नेटवर्क,12 फरवरी। डिप्टी सीएम को लेकर पेश की गई एक जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट मेें सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राज्यों में डिप्टी सीएम की नियुक्ति संविधान के खिलाफ नहीं है। यह सिर्फ एक ओहदा है, जो वरिष्ठ नेताओं को दिया जाता है। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को कोई अतिरिक्त फायदा भी नहीं मिलता। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बेंच ने कहा- सरकार में पार्टियों के गठबंधन या अन्य वरिष्ठ नेताओं को अधिक महत्व देने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम की नियुक्ति को किसी भी तरह से असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता। डिप्टी सीएम राज्य सरकार में पहला और सबसे अहम मंत्री होता है। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका पब्लिक पॉलिटिकल पार्टी ने लगाई थी।