नेशनल हुक
बिहार व झारखंड पर इस समय पूरे देश की निगाहें है। इन दोनों राज्यों में तेजी से राजनीति के उलटफेर हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव की धमक के कारण यहां अभी ताजा उलटफेर हुआ है। बिहार में इंडिया गठबंधन की नींव रखने वाले नीतीश कुमार खुद ही गठबंधन छोड़ एनडीए में चले गये। नोवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ भी ले ली। मगर आम चुनाव से पहले ये तो बदलाव की शुरुआत है अभी तो बदलाव के कई रंग देखने को मिलेंगे।
नीतीश के भाजपा के पास आते ही सबसे ज्यादा भड़के है तो वो है चिराग पासवान। जो मोदी के तो साथ ही है मगर नीतीश से किसी भी सूरत में साथ करने को तैयार नहीं। पिछली बार विधानसभा चुनाव हुए तब भी उन्होंने नीतीश की जेडीयू के सामने अपने उम्मीदवार उतारे और उसका नुकसान जेडीयू को उठाना पड़ा। बिहार में एक नम्बर पर रहने वाली जेडीयू उस चुनाव में सीधे तीसरे नम्बर पर आ गई। पहले पर राजद व दूसरे पर भाजपा रही। इसलिए बदलाव बिहार में अभी पूरा नहीं हुआ है, कुछ और भी होगा। जेडीयू के विधायकों में लालू सेंध लगाने की जुगत में भी है। जेडीयू को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। लोकसभा चुनाव में पिछली सफलता दौहराना जेडीयू के लिए अब टेढ़ी खीर बन गया है।
जेडीयू व नीतीश पर नीतीश के बारबार पलटी मारने का भी असर होगा। इस बार की पलटी से जनता खुश नहीं है। जिसकी झलक आम चुनाव व विधानसभा चुनाव में उभर के सामने आयेगी। भाजपा को भले ही नुकसान कम हो मगर दोनों चुनावों में जेडीयू को ज्यादा नुकसान होगा, ये तो साफ साफ दिखने लग गया है। इसलिए बिहार में अंदरखाने बदलाव की बयार अभी तक चल रही है, थमी नहीं है। आने वाले समय मे फिर राजनीति के बड़े उलटफेर बिहार में दिखने की पूरी संभावना है।
झारखंड में ईडी की कार्यवाही के चलते जेएमएम के सीएम हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा और उसके तुरंत बाद उनको ईडी ने गिरफ्तार भी कर लिया। इस घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। यहां जेएमएम, कांग्रेस व राजद के गठबंधन की सरकार है। सोरेन के साथ सहयोगी दल मजबूती से खड़े दिखाई दिए। जबकि यहां भी दलों में टूट फुट की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि ये आशंका अभी तक समाप्त नहीं हुई है। भाजपा प्रदेश प्रभारी झारखंड पहुंच चुके हैं। मगर लोकसभा के चुनाव निकट में है और ईडी की इस कार्यवाही के बाद गठबंधन मजबूत हुआ है। आदिवासी समाज भी गुस्से में है। वहां भी राजनीति में एक बदलाव को तय माना जा रहा है। कुल मिलाकर बिहार व झारखंड में अभी बदलाव का ट्रेलर सामने आया है, पिक्चर बाकी है।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘