• जोधपुर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल व एेतिहासिक धरोहर घंटाघर में ठेला धारक फिर काबिज हो रहे हैं। एेसे में यातायात पुलिस ने उन्हें जब हटने को कहा तो दादागिरी दिखाते हुए ठेलाधारक बदतमीजी करने लगा। कांस्टेबल के मना करने पर उसने सारी हदें तोड़ते हुए कांस्अेबल का मुंह ही पकड़ लिया।

    जोधपुर। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल में शामिल घंटाघर के आस-पास ठेला धारकों की मनमानी फिर शुरू हो गई है। कुछ ठेला धारक न सिर्फ खुलेआम धौंस जमा रहे हैं। एक ठेलाधारक और उसके सहयोगियों ने शुक्रवार को यातायात पुलिस के हैड कांस्टेबल शोभाराम का का मुंह व गर्दन पकड़ ली। यातायात पुलिस ने किसी तरह ठेलाधारकों से छुटकारा पाया। इस सम्बंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

    ठेले हटाने पर तोड़ी हदें

    घंटाघर व आस-पास ठेला धारकों और मणिहारी सामान बेचने वालों ने फिर से कब्जा जमा लिया है। आड़े-तिरछे ठेले यातायात में बाधक बन रहे हैं। यातायात के हैड कांस्टेबल शोभाराम ने बताया कि ट्रैफिक में बाधक ठेलों को गुरुवार को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ठेला धारक नहीं मानें।

    उन्होंने ठेलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो ठेला धारक एकत्रित हो गए और उन्होंने हैड कांस्टेबल को घेर लिया। एक युवक ने आंखें दिखाई तथा हैड कांस्टेबल का मुंह तक पकड़ लिया। मामला बढ़ता देख पुलिस को किसी तरह वहां से निकलना पड़ा।

    हैरिटेज लुक के लिए निगम ने हटाए थे ठेले

    एेतिहासिक घंटाघर को हैरिटेज लुक प्रदान करने के लिए नगर निगम ने गत वर्ष अभियान चला कर सभी ठेले हटा दिए थे। घंटाघर क्षेत्र को नो ठेला जोन घोषित किया था, लेकिन निगम की ढिलाई से एक बार फिर ठेला धारकों का जमावड़ा शुरू हो गया है।